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मेरा आठवाँ प्रकाशन / MY Seventh PUBLICATIONS
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मंगलवार, 28 मई 2013
शुद्धता.
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मन का रोष और और आने वाले कल को लेकर चिंता उजागर होती है....
जवाब देंहटाएंवर्ड वैरीफिकेशन हटा दीजिए. टिप्पणी करने में आसानी होगी....
वीना जी,
हटाएंआपकी सकारात्मक टिप्पणी के लिए धन्यवाद.
जहाँ तक वर्ड वेरिफिकेशन की बात है , यह पहले ही हटा ली गई है. यदि अब भी असुविधा हो रही हो तो कृपया सूचित करें.
अयंगर.
aagat ki chinta aur aakrosh vykt kart rchna
जवाब देंहटाएंआभार.
हटाएंधन्यवाद.
अयंगर.