MY THIRD BOOK

MY THIRD BOOK
मेरी तीसरी प्रकाशित पुस्तक (मई में प्रकाशित होगी)

शुक्रवार, 1 नवंबर 2013

ललकार



   ललकार

भोर सवेरे हिम मोती से,
सँवर रही है धरती,
लगा, रात भर ललकारे थी,
धरती नीलाम्बर को,
"देख, तुम्हारे तारों से भी,
ज्यादा तारे पास मेरे,
हर कण पर मोती जड़वाए,
लहराते हैं घास मेरे"

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