MY THIRD BOOK

MY THIRD BOOK
मेरी तीसरी प्रकाशित पुस्तक (मई में प्रकाशित होगी)

बुधवार, 15 जून 2011

दोहरा यम


दोहरा यम

बरसों से चरितार्थ हो रही ,
जिसकी लाठी, उसकी भैंस,
हाथ मेरे तलवार आ गई,
और रह गया अब क्या शेष ?

अपने परिजन की लाशों पर ,
मैं भी महल बनाऊंगा,
जल क्यों अब मैं खून पिऊंगा,
माँस भून कर खाऊँगा.

कीचड़ में मैं सना हुआ हूँ,
पंकज से मैं क्या कम हूँ ?
ब्रह्मा, विष्णु, महेश समझ ना !!!
मैं तो बस दोहरा यम हूँ.

एम.आर.अयंगर.
09907996560.
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