मेरा सातवाँ प्रकाशन / MY Seventh PUBLICATIONS

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बुधवार, 21 दिसंबर 2022

नए रचनाकारों के लिए आवश्यक जानकारी।

 नए रचनाकारों के लिए आवश्यक जानकारी।


1. रचनाकार का नाम पता और संपर्क।

2. रचना की विधा – कविता , कहानी , नाटक, व्यंग इत्यादि।

3. रचना की भाषा।

4. रचना कंप्यूटर पर है या हस्तलिखित।

5. A-4 साईज पेपर पर रचना के पृष्ठ।

6. पुस्तक का वांछित आकार – 5 x 8, 5.5 x 8.5 6 x 9 इंच या कोई और।

7. पुस्तक हार्ड बाउंड चाहिए या पेपर बैक। हार्ड बाउंड में जेकेट की जरूरत है क्या ।

8. कवर डिजाइन करने में लेखक सक्षम हैं या करवाना है। कवर चित्र और डिजाइन अलग होते हैं।

9. ISBN (International Society of Book Number) : चाहिए या नहीं।

10. बैक कवर पर क्या रखना चाहते हैं।

11. रचनाकार की फोटो रखना चाहते हैं या नहीं । रखना हो तो कहाँ चाहते हैं।

12. पुस्तक के भीतर का फांट कौन सा (नाम) और किस आकार (साइज) का चाहते हैं।

13. पुस्तक में कोई चित्र (श्वेत श्याम या रंगीन) या टेबल ( तालिका) है क्या।

14. रेड़ी टू प्रिंट पुस्तक देने पर प्रकाशक एक महीने का समय माँगता है किंतु काम होते - होते कभी - कभी  दो महीने भी लग जाते हैं। कुल मिला कर पांडुलिपि से पुस्तक तक आने में 90 से 120 दिन लग सकते हैं । रचनाकार इसके लिए तैयार हैं क्या।

15. रचनाकार के कितनी मुफ्त प्रतियाँ चाहिए । उसके अनुसार ही प्रकाशक अपना दर तय करता है।

16. प्रकाशक ज्यादातर पुस्तक के साथ पूरा पेमेंट माँगते हैं. अधिकतम दो किश्तों ( 60% – 40%) तक राजी होते हैं । पहला किश्त पुस्तक के साथ और दूसरा रेड़ी टू प्रिंट सर्टिफिकेट (प्रमाणन) के साथ। 

17. प्रूफरीडिंग का काम मूलतः रचनाकार के पास होता है। न भी हो तो भी कम से कम तीन प्रूफरीडिंग तो रचनाकार को करनी ही पड़ती है क्यों कि प्रिंट के पहले फाईनल प्रमाणन रचनाकार को मेल द्वारा प्रकाशक को  प्रेषित करना पड़ता है। तसल्लीबख्श प्रूफ रीडिंग के लिए एक दो बार आन लाइन चर्चा की भी जरूरत होती है।

18. पुस्तक प्रिंटिंग में प्रति पृष्ठ लागत 60-90 पैसे आती है । कवर पर रु.20-24 आते हैं. इस पर 18% तक जी एस टी लगता है. इसे ध्यान में रखकर पुस्तक का विक्रय मूल्य तय करना होता है।

19. प्रकाशक विक्रय मूल्य और लागत के अंतर का कुछ प्रतिशत लेखक को रॉयल्टी के रूप में देता है।

20. अमेजॉन, फ्लिपकार्ट जैसे फलकों पर बिक्री होने पर  विक्रय मूल्य का 45-50 प्रतिशत वे वितरण मूल्य ले लेते हैं , इसलिए लेखक को बहुत कम पैसे मिलते हैं। इन फलकों की नीतियाँ नेट पर देखी जा सकती हैं।

21. साधारणतः अच्छी फार्मेटिंग में प्राक्कथन, भूमिका. मेरी बात, लेखक परिचय , विषय सूची, आभार, समर्पण प्रथम रचना इत्यादि दाहिने पृष्ठ से शुरू की जाती हैं। इससे कुछ पृष्ठ खाली छोड़ने पड़ते हैं। क्योंकि यह पृष्ठ लागत में गिने जाते हैं इसलिए इसमें लेखक की सहमति जरूरी होती है।

अन्य किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए आप मुझसे 8462021340 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रकाशक विशेष का जानकारी के लिए आप सीधे प्रकाशक से भी संपर्क कर सकते हैं। 


मेरे द्वारा प्रकाशन प्रक्रिया करवाने पर प्रकाशक से केवल रेड़ी टू प्रिंट का काम ही करवाया जाता है और उसी की लागत प्रकाशक के दी जाती है। पूरे काम की पूरी लागत से बाकी काम का हिस्सा मेरा होता है। हाँ यह निश्चित है कि यदि आप पूरा काम प्रकाशक को सौंपें तो लागत ज्यादा लगेगी और गुणवत्ता (क्वालिटी) और माथापच्ची - मेहनत आप एक बार आजमाकर ही देखिए।

4 टिप्‍पणियां:

  1. सम्पूर्ण जानकारी के साथ ज्ञानवर्धक लेख ।

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    1. धन्यवाद। सूचना आपको पसंद आई, इसकी खुशी हुई। आभार आपका 🙏

      हटाएं
  2. संगीता जी, बहुत बहुत धन्यवाद आपको कि आपने अपने विचार साझा किए। आपको यह सूचना अच्छी लगी इसकी मुझे खुशी है।
    साधुवाद स्वीकारें।

    जवाब देंहटाएं

Thanks for your comment. I will soon read and respond. Kindly bear with me.