मेरी पुस्तक "मन दर्पण" का कवर - अप्रेल मध्य तक प्रकाशित होने की संभावना.

मेरी पुस्तक "मन दर्पण" का कवर - अप्रेल  मध्य तक प्रकाशित होने की संभावना.
मन दर्पण

शनिवार, 23 फ़रवरी 2013

उम्मीद



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उम्मीद
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मन गा रहा है,
चमन गा रहा है,
तुमसे मिलेंगें,
ये  चेहरे खिलेंगे,

फिर चार दिन की मुलाकात होगी,
बीते दिनों की कुछ बात होगी,

कई साल से हम,
बिछड़े हुए हैं,
यादों के पन्नों में,
पिछड़े हुए हैं,

इस याद को हम दुबारा लिखेंगे,
सहारा तुम्हारा दुबारा लिखेंगे,
मस्ती पुरानी नजर आ रही है,
पड़ोसन जो हँसती गजल गा रही है,
वादी पहाड़ों की शर्मा रही है,
जवानी हवा में जो गरमा रही है,

जीवन के बीते हुए पन्ने पलटे,
पुरानी फिल्म जैसे टी वी पे झलके,

बातों से मन को भी हल्का करेंगे,
नए यादों से कुछ पन्ने भरेंगे,
न जाने कहाँ हम कब फिर मिलेंगे,
यादों को तब तक सँजोए फिरेंगे,

आँखों से ओझलको मन से भी ओझल,
कर लोगे तुम पर, न हम कर सकेंगे.


एम.आर.अयंगर. 08462021340
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