सोमवार, 10 अक्तूबर 2011

पूछो जी पूछो...


पूछो जी पूछो …………. ???


नयनों के कोरों से,
पवन के झकोरों से,
पूछो जी पूछो ...............???
ये बात कहाँ से उड़कर ?,
पहुंची है तुम तक.

कविता से छंद से,
फूल की सुगंध से,
पूछो जी पूछो .............  ???
ये साथ अपने लेकर क्या ?
पहंची है तुम तक.

मँझधारों किनारों से,
धारों पतवारों से,
माँझी के इशारों से,
चंदा से तारों से,
पूछो जी पूछो ………………… ???
ये राज कहाँ से पाकर ?
पहुंची है तुम तक.

बलखाती राहों से,
लहराती बाहों से,
अनमोल अदाओं से,
रंगीन फिजाओं से,
पूछो जी पूछो …………………….. ???

ये बात कहाँ से उड़कर ?
पहुंची है तुम तक.


एम.आर.अयंगर.

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